मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रमवीरों का किया सम्मान, शाल और मिठाई भेंटकर दी नए साल की बधाई

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दुर्ग। रिसाली के श्रमवीरों के नये साल की पहली सुबह की मिठास मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घोली। सुबह सुबह जब कामगार काम के लिए चावड़ी पहुंचे तो यहां अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर बहुत उत्साहित हुए। फिर मुख्यमंत्री ने सभी का मुंह मीठा कराया, उन्हें शाल भेंट की और नव वर्ष की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्रमवीर हमारे हाथ हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से छत्तीसगढ़ को सृजित किया है। विकास की यह बुलंद इमारत जो दिखती है उसकी नींव भी श्रमवीरों ने तैयार की है और इमारत भी उन्होंने ही खड़ी की है। इसे अपने प्रयत्नों से और बुलंद करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए साल की सुबह की शुभ शुरूआत कैसे हो, मुझे लगा कि सबसे अच्छा यह होगा कि आपके बीच आऊं। आपसे बातचीत करूँ। यह सबसे अच्छी शुरूआत होगी नये साल के लिए मेरे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 कोरोना की वजह से बड़ी चुनौतियां लेकर आया। हमारे कई मजदूर भाई दूसरे राज्यों में फंस गए। हमने यह सुनिश्चित किया कि सभी मजदूरों तक सहायता पहुंचे। इसके लिए सभी राज्यों से समन्वय भी किया गया। इनकी वापसी के इंतजाम, फिर क्वारन्टीन करने के इंतजाम, यह बड़ा काम हुआ। मुझे इस बात की खुशी है कि केवल प्रदेश के ही नहीं, हमारी सीमा से दूसरे राज्यों में जा रहे श्रमिकों की भी हमने मदद की। उन्हें भोजन कराया और अपने शहर तक छोड़ने वाहन उपलब्ध कराए। मुझे खुशी है कि हम उनके पैरों के जख्मों पर मरहम लगा सके, उन्हें चरण पादुका पहना सके। उन्होंने कहा कि आपसे कोरोना काल में भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे और आपके सुखदुख में बराबरी से खड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप ही हमारी ताकत हैं आपकी भागीदारी से हम अपने प्रदेश के विकास की इबारत लिख रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम विभाग की योजनाओं के माध्यम से श्रमिक कल्याण के लिए कार्य किये जा रहे हैं। किसान और श्रमिक की भागीदारी से ही विकास की नींव खड़ी होती है। इनके हितों का ध्यान रखना, इनके लिए आर्थिक तरक्की के अवसरों पर काम करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपके साथ इस तरह से किया गया निरंतर संवाद हमें ऊर्जा देता है। नए कार्य आरंभ करने नवाचार करने की शक्ति प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे ग्रंथों में लिखा है सत्यमेव जयते, हमारे बीएसपी में लिखा है श्रमेव जयते। देश के निर्माण में हमारे मजदूरों का हाथ है इसलिए आज सुबह की शुरूआत का निश्चय आपके साथ करने का लिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बच्चे भी अंग्रेजी पढ़ सकें, इसके लिए इंग्लिश मीडियम स्कूल आरम्भ किये गए। अब तक 52 स्कूल आरम्भ किये गए हैं। इस साल 100 स्कूल आरम्भ किये जायेंगे। स्वास्थ्य सुविधा के लिए मोबाइल क्लीनिक, दाई दीदी क्लीनिक आरम्भ किये गए।