करोड़ो रूपए की ठगी का खुलासा, लोन दिलाने का झांसा देने वाले 2 बैंक कर्मचारी सहित 5 आरोपी गिरफ्तार

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाने का झांसा देकर 50 से अधिक व्यक्तियों से करोड़ो रूपए की ठगी करने वाले 5 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक प्रार्थी मोहन राव ने थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह शक्ति नगर खम्हारडीह में रहता है। प्रार्थी वर्ष 2021 में लोन लेने हेतु अपने परिचित के माध्यम से गोल्डन ट्रेड में स्थित हेल्पिंग फारेवर प्रा0 लिमि0 कंपनी के निखिल कोसले से फोन के माध्यम से लोन के विषय में चर्चा किया था। जिस पर निखिल कोसले ने प्रार्थी को लोन के विषय में जानकारी देने हेतु मरीन ड्राईव तेलीबांधा पास बुलाया तथा उक्त कंपनी हेल्पिंग फारेवर के तीनों डायरेक्टर निखिल कोसले, शिव साहू एवं शैलेन्द्र मिश्रा प्रार्थी से मिलने आये और लोन के विषय में जानकारी दिए। उक्त व्यक्तियों ने प्रार्थी को बताया कि जितना भी लोन होगा उसका 25 प्रतिशत उन तीनों का कमीशन होगा और कागजात का खर्च अलग से 25 हजार रूपये देना होगा। जिस पर प्रार्थी ने उनसे पूछा कि लोन की किस्त किस प्रकार से देना पडेगा तब उन्होंने बताया कि जितनी भी लोन की राशि होगी वे लोग उसका कुछ पैसा अपने पास रखकर अपनी उक्त कंपनी में इन्वेस्ट करेगें और जो भी प्राफिट आयेगा उससे लोन का ब्याज देना पड़ेगा।

प्रार्थी को कोई पैसा देने की आवश्यकता नहीं होगी बताए जिस पर प्रार्थी निश्चिंत हो गया तथा दुसरे दिन उनके कार्यालय जो कि राजेन्द्र नगर में स्थित था जाकर प्रार्थी अपना दस्तावेज उन्हें दिया। उसी आफिस में एक्सिस बैंक का क्रेडिट कार्ड सेल्स एक्सिक्यूटीव जगमोहन भी आया हुआ था जिसने इलेक्ट्रानिक मशीन से प्रार्थी का थम्ब इंप्रेशन और अपने टेबलेट से फोटो खींचकर एक्सिस बैंक के हेड आफिस में भेज दिया। बैंक की ओर से आये कर्मचारी को देखकर प्रार्थी पुरी तरह से उन तीनों पर विश्वास करने लगा प्रार्थी सोचा कि बैंक कभी भी इस प्रकार से धोखाधडी नही करेगा। 01 माह के बाद प्रार्थी को क्रेडिट कार्ड घर पर डाक के माध्यम से मिला।

प्रार्थी को क्रेडिट कार्ड का उपयोग करना नहीं आता था इसलिये वह हेल्पिंग फारेवर कार्यालय गया जहां निखिल कोसले, शिव साहू एवं शैलेन्द्र मिश्रा ने 03 लाख का 25 प्रतिशत और 25 हजार रूपये काटकर प्रार्थी को 01 लाख रूपये दिया और बचा हुआ 01 लाख रूपये अपनी कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने की बात बताया। किन्तु कुछ दिनों के बाद प्रार्थी के पास एक्सिस बैंक से फोन आने लगा कि आपके क्रेडिट कार्ड का पेमेंट बचा है तब प्रार्थी उक्त तीनों व्यक्तियों के पास गया तो उन्होंने प्रार्थी को कहा कि अभी हमारी कंपनी को प्राफिट नहीं हुआ है बैंक को आप पैसे दे दो। इसी दौरान प्रार्थी को अपने परिचित एवं अन्य लोगों से जानकारी हुई कि क्रेडिट कार्ड दिलाने के नाम से एक्सिस बैंक के दो एग्जीक्युटिव नबील खान एवं जगमोहन दोनों निखिल कोसले, शिव साहू एवं शैलेन्द्र मिश्रा केे साथ मिलकर प्रार्थी सहित अन्य 40-45 ग्राहकों के पैसे लेकर इसी प्रकार की ठगी करते हुए ग्राहकों के साथ षडयंत्र कर धोखाधडी कर अमानत में खयानत किये है। इस प्रकार उक्त आरोपियों द्वारा अब तक अलग – अलग 40-45 व्यक्तियों से लगभग 04 करोड़ रूपए की ठगी की गई है। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 464/21 धारा 420, 409, 406, 120बी भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व थाना प्रभारी तेलीबांधा के नेतृत्व में थाना तेलीबांधा पुलिस की टीम द्वारा आरोपियों की पतासाजी करते हुए आरोपी निखिल कोसले, शिव साहू, शैलेन्द्र मिश्रा, नबील खान एवं जगमोहन को गिरफ्तार किया गया। पूरे घटना का मास्टर माइंड निखिल कोसले है जो 03 वर्ष पूर्व किसी कंपनी में फायनेंस संबंधी कार्य करता था। निखिल कोसले ने शिव साहू का क्रेडिट कार्ड बनवाया था इसी दौरान दोनों का परिचय हुआ था। शिव साहू का शिव टेªडर्स एवं विद्या ट्रेडर्स के नाम से स्वयं का फर्म है जिसमें वह एलोविरा खरीदी-बिक्री का काम करता है। इस प्रकार निखिल कोसले, शिव साहू और शैलेन्द्र मिश्रा ने मिलकर न्यू राजेन्द्र नगर में हेल्पिंग फारेवर प्रा0 लिमि0 कंपनी नामक कार्यालय खोला तथा एक्सिस बैंक के क्रेड़िट कार्ड/डेबिड कार्ड सेल्स एक्सिक्यूटीव जगमोहन एवं नबील खान को भी शामिल किये तथा लोगांे को क्रेड़िट कार्ड/डेबिड कार्ड के माध्यम से लोन दिलाने व लोन का किश्त उनके द्वारा अदा करने का झांसा देकर पीड़ितों के नाम से क्रेडिट कार्ड बनवाकर सामान खरीदी से आयी रकम से 25 प्रतिशत एवं 25,000/- रूपए दस्तावेजी खर्च के नाम पर प्राप्त करने के साथ ही आरोपियान पीड़ितों का क्रेड़िट कार्ड/डेबिड कार्ड को अपने पास रखते थे एवं उनके क्रेड़िट कार्ड/डेबिड कार्ड से खरीदी करते थे। इसके साथ ही आरोपियान पीड़ितों से पैसों की लेन-देन के संबंध में एग्रीमेंट कराकर उनसे हस्ताक्षरयुक्त कोरा चेक भी प्राप्त कर लेते थे।

आरोपियान पीड़ितों के नाम पर लिमिट बढ़ाकर लोन लेते थे तथा आई.टी.आर. (इनकम टेक्स रिटर्न) में भी फर्जी दस्तावेज बनाकर रकम बढ़ाकर दर्शित करते थे, इस संबंध में सी.ए. की भूमिका भी संदिग्ध है। अभी तक आरोपियों द्वारा 50 पीड़ितों को अपना शिकार बनाकर ठगी करने की जानकारी प्राप्त हुई है संभवतः पीड़ितों की संख्या 100 से भी अधिक होने की संभावना है। अब तक की जांच में आरोपियों द्वारा 50 पीड़ितो से लगभग 04 करोड़ रूपए की ठगी करने की जानकारी सामने आयी है। आरोपियों की निशानदेही पर उनके कब्जे से 46 नग क्रेड़िट कार्ड/डेबिड कार्ड/अन्य कार्ड, 140 नग अलग – अलग पीड़ितों के हस्ताक्षरयुक्त कोरा चेक, 02 नग स्वाईप मशीन, 01 नग थम्ब रीडर मशीन, 01 नग लैपटाॅप, 01 नग प्रिंटर, 02 नग नेट राउटर तथा ठगी की रकम से क्रय की गई 01 नग फार्चूनर वाहन क्रमांक सी जी/04/एन जे/0012, 01 नग टाटा हैरियर वाहन क्रमांक सी जी/04/एन एफ/0012, 01 नग यामहा आर-15 मोटर सायकल क्रमांक सी जी/04/एन जी/6083 कीमती लगभग 65,00,000/- रूपए (पैंसठ लाख रूपए) जप्त किया जाकर आरोपियों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अग्रिम कार्यवाही किया गया।