मानव तस्करों के चंगुल से बचकर 3 दिन में 200 किलोमीटर पैदल चल बचते बचाते पहुंची 17 साल की युवती हाथरस

Chhattisgarh Crimes

हाथरस। यूपी के हाथरस में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने मानव तस्करी का बड़ा खुलासा किया है। दरअसल दिल्ली में मानव तस्करों के चंगुल से बचकर भाग निकली एक 17 साल लड़की हाथरस बस स्टैंड पर शनिवार देर रात परेशान हाल में दिखी तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसे कोतवाली ने गई तो लड़की ने सनसनीखेज खुलासे किए। उसने बताया कि वह तीन दिन से पैदल चल रही है और 200 किलोमीटर की दूरी तय कर हाथरस पहुंची है। उसने बताया कि एक शख्स मध्य प्रदेश से कुल 12 लड़कियों को काम दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले जा रहा था। उसने रास्ते में उन लोगों को किसी शहर में एक कमरे में कई दिनों तक भूखे-प्यासे बंधक बनाकर रखा। ऐसे में मौका पाकर लड़कियां वहां से भाग निकलीं।

हाथरस के एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि शनिवार देर रात थाना कोतवाली पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस बस स्टैंड पर पहुंची और लड़की से बात की। लड़की ने बताया कि उसकी उम्र 17 साल है। वह मध्य प्रदेश के जिला मंडला के ग्राम तोगल की रहने वाली है। कहा कि एक सप्ताह पहले उसके परिवार वालों की सहमति से गांव की करीब 12 लड़कियों को एक शख्स दिल्ली ले जा रहा था। उसने कहा था कि वह दिल्ली में उन्हें सिलाई-कढ़ाई का काम दिलाएगा।

लड़कियों को भूखे-प्यासे बंधक बनाकर रखा

पुलिस को बताया कि उस शख्स ने उन्हें किसी शहर के एक कमरे में कई दिनों तक भूखे-प्यासे बंधक बनाकर रखा। इस दौरान लड़कियों को उस शख्स पर शक हुआ तो सभी वहां से भाग निकलीं। उधर, पुलिस ने लड़कियों के परिवार से संपर्क साधा है। साथ ही पुलिस आरोपी शख्स की भी तलाश में जुट गई है।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

विनीत जायसवाल ने कहा कि लड़की हमें सटीक स्थान बताने में असमर्थ है जहां उसे बंधक बनाकर रखा गया था। वह कहती हैं कि 12 अन्य लड़कियां थीं और वे सभी बच गईं। यह गंभीर है। लड़की व्याकुल और भूखी थी। वह पिछले तीन दिनों से पैदल चल रही थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

लड़की को चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा

एसपी ने कहा कि लड़की को फिलहाल चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंप दिया गया है। लड़की ने कहा, ‘मेरा परिवार बहुत गरीब है और पैसे की जरूरत है। कुछ ग्रामीणों ने उन्हें सलाह दी कि वे मुझे कुछ अन्य लड़कियों के साथ कुछ पैसे के बदले दिल्ली भेज दें।’