
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने फरारी के बाद पांच पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था।
24 वर्षीय रितेश प्रताप सिंह नारायणपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म का आरोपी है। वर्ष 2023 में उसने एक नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाया था। जेल से छूटने के बाद 17 मई 2025 को उसी लड़की को फिर से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
आरोपी ने लड़की को बादलखोल के जंगल में ले जाकर मारपीट की। फिर उसे कुनकुरी स्थित अपने घर और नारायणपुर के रिश्तेदार के घर ले गया। वहां उसने लड़की के साथ अमानवीय व्यवहार किया। लड़की किसी तरह वहां से भागकर थाने पहुंची।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 118, 64 व 62 के तहत मामला दर्ज कर 20 मई को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा था। लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त से भाग निकला था।
पेशी से लौटते वक्त हुई थी बड़ी लापरवाही
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि 2 जून को रितेश को अन्य आरोपियों के साथ पेशी के लिए जेल से कुनकुरी कोर्ट लाया गया था। शाम करीब 7:45 बजे पेशी के बाद लौटते समय आरोपी लोरो घाट में चलती बस से छलांग लगाकर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इस गंभीर लापरवाही पर पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया और एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू की गई।
उन्होंने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्य, संभावित ठिकानों की पहचान और मुखबिर नेटवर्क को सक्रिय किया गया। पुलिस जंगल के साथ रिश्तेदारों के घरों में दबिश दे रही थी। इसी दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी रितेश सरबकोम्बो बादलखोल जंगल में छिपा है और वहां से भागने के लिए पैसे का जुगाड़ कर रहा है। उन्होंने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत बादलखोल जंगल में घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी ने कहा, पुलिस अभिरक्षा से फरार आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है। लगातार दबिश और मुखबिर तंत्र की सक्रियता के चलते यह सफलता मिली। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर दोबारा जेल भेजा जा रहा है।