पत्रकार लाश के बीच आक्सीजन लेकर बैठा रहा पूरी रात, दूसरे दिन हो गई मौत

Chhattisgarh Crimes

दुर्ग। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच एक दुखद खबर सामने आयी है। सहीं समय पर इलाज न मिलने और स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही के चलते एक वीडियो जर्नलिस्ट की मौत हो गयी है। मृतक वीडियो जर्नलिस्ट कुछ दिनों पहले ही अपना कोरोना टेस्ट कराया था, रिपोट एक सप्ताह बाद आई थी। रिपोर्ट देर से आने के कारण उसकी तबीयत काफी ज्यादा खराब हो गयी थी, जिसके बाद उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार की शाम इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मृतक वीडियों जर्नलिस्ट का नाम 32 वर्षीय जितेंद्र साहू था, जो भिलाई के एक नीजी मीडिया संस्थान में कैमरामैन के पद पर पदस्थ था।

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जानकारी के मुताबिक जितेंद्र साहू की कुछ दिनों पूर्व तबीयत खराब हुई थी। नार्मल सर्दी, खांसी, बुखार था। उन्होंने खुद की समझ से दवाइयां खाईं। धीरे-धीरे और भी तकलीफ बढ़ती गई, जिसके बाद उन्होंने अपना कोरोना टेस्ट कराया। टेस्ट कराने के बाद कोरोना रिपोर्ट लेट से आने के कारण उनकी तबीयत ज्यादा ही खराब हो गई। गंभीर अवस्था में शनिवार को उन्हें लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे, जहाँ उनका इलाज शुरू हुआ और शाम में ही खबर मिली की मौत हो गई है।

परिजनों ने बताया कि, जितेंद्र साहू जब गंभीर थे तो वो खुद ही कोरोना वार्ड में आक्सीजन लिए बैड पर संक्रमित लाश के बीच बैठे थे। इस दौरान उनके इलाज की एक फोटो भी मीडिया में काफी वायरल हो रही है, फोटो को देखकर आपका भी दिल पसीज जाएगा। फोटो में आप देख सकते हैं कि जितेंद्र साहू कोरोना वार्ड के बैड पर बैठे है और उनके ठीक पीछे एक पॉजिटिव शव पड़ा हुआ है। इस फोटों के सामने आने के बाद अब पूरे दुर्ग जिले के स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलती हुई साफ नजर आ रही है। आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि कोरोना से क्या हालात है इस वक्त दुर्ग जैसे शहर की।

फिलहाल वीडियो जर्नलिस्ट जितेंद्र साहू अब इस दुनिया मे नहीं है। जितेंद्र साहू की मृत्यु के बाद उनका पूरा परिवार टूट गया है। दोनों बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी अब उनकी पत्नी के कंधों पर आ गई है। साथ ही उनके परिवार में रोजी रोटी का भी संकट मंडरा रहा है।