30 सेकंड में कोरोना को खत्म कर सकता है माउथवॉश

मिले सबूत, एक खास एलिमेंट वायरस से लड़ने में होता है सक्षम

Chhattisgarh Crimes

वॉशिंगटन। आम माउथवॉश कोरोना वायरस को 30 सेकंड में खत्म कर सकता है। कार्डिफ यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का कहना है कि कुछ माउथवॉश में एक खास एलिमेंट होता है, जिससे वायरस से लड़ने के सबूत मिले हैं। यूनिवर्सिटी के प्रफेसर डेविड थॉमस ने इस रिसर्च को लीड किया था जिसमें पाया गया है कि सेटिप्रीटायफियम क्लोराइड (सीपीसी) जिन माउथवॉश में होता है वे वायरस से लड़ सकते हैं।

अभी की जाएगी स्टडी

करीब 12 हफ्ते चले ट्रायल की रिपोर्ट का अभी पियर रिव्यू किया जाना बाकी है, लेकिन इससे एक हफ्ते पहले की गई एक और स्टडी को बल मिला है, जिसमें पाया गया था कि सीपीसी आधारित माउथवॉश से कोरोना वायरस का वायरल लोड कम होता है। इन शुरुआती नतीजों के बाद क्लिनिकल ट्रायल किए जाने हैं, जिनमें यह देखा जाएगा कि ओवर-द-काउंटर मिलने वाले माउथवॉश में भी सॉलिव के अंदर मौदूद वायरस को खत्म करने की ताकत होती है या नहीं। डॉ. थॉमस ने बताया, लैब में माउथवॉश वायरस को असरदार तरीके से खत्म कर देते हैं, हमें यह देखना होगा कि क्या ये मरीजों पर काम करते हैं। उन्होंने बताया कि स्टडी में ट्रांसमिशन से जुड़े सवालों के जवाब नहीं मिलेंगे लेकिन यह देखा जाएगा कि असर कितने वक्त तक रहेगा।

कैसे करते हैं काम

कोविड-सॉर्स2 की बाहरी सतह लिपिड मेमब्रेनफे होती है। वहीं, माउथवॉश में मौजूद एथनॉल दूसरे वायरसों में इस सतह को तोड़ सकते हैं। इससे पहले सॉर्स और मर्स के खिलाफ आयोडीन युक्त माउथवॉश को असरदार पाया गया था। हालांकि, रिसर्चर्स का कहना है कि अभी इस दिशा में और ज्यादा क्लिनिकल स्टडी की जरूरत है और इसके नतीजे अगले साल आ सकते हैं।

फाइजर शुरू करेगी वितरण का पायलट कार्यक्रम

अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने मंगलवार घोषणा की कि वह एक पायलट कार्यक्रम शुरू कर रही है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी राज्यों रोड आइलैंड, टेक्सास, न्यू मैक्सिको और टेनेसी में कोरोना वायरस वैक्सीन की डिलीवरी और वितरण सुनिश्चित करना है। कंपनी ने कहा, प्रासंगिक अमेरिकी एजेंसियों के साथ निर्माण करने को लेकर फाइजर ने कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित की राज्यों की योजना, तैनाती और प्रशासन को बेहतर समर्थन देने में मदद करने के वास्ते इस पायलट कार्यक्रम को लॉन्च किया है। इस कार्यक्रम की सीखें अन्य राज्यों में टीके के प्रभावी टीकाकरण कार्यक्रम बनाने में मदद करने के लिए लागू की जाएंगी। फाइजर के अनुसार चार अमेरिकी राज्यों को उनके समग्र आकार, आबादी की विविधता और टीकाकरण बुनियादी ढांचे के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आबादी तक पहुंचने की आवश्यकता के कारण चुना गया है।