मुलायम सिंह का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन, अखिलेश ने दी मुखाग्नि

Chhattisgarh Crimes

लखनऊ। मुलायम सिंह यादव का मंगलवार को शाम 4 बजे अंतिम संस्कार किया गया। बेटे अखिलेश यादव ने सैफई के मेला ग्राउंड पर उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के लिए मुलायम की पार्थिव देह पहली पत्नी मालती के मेमोरियल के पास बने प्लेटफॉर्म पर रखी गई थी। राजकीय सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री पहुंचे। रक्षा मंत्री राजनाथ ने भी श्रद्धांजलि दी। मुलायम के बेहद करीबी अमिताभ बच्चन के बेटे अभिषेक भी मौजूद रहे।

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मेलाग्राउंड में 5 साल पहले तक सैफई महोत्सव होता था। यहीं मुलायम के अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफॉर्म बनाया गया था। बारिश के बीच 50 मजदूरों ने रातोंरात 30×30 फीट का प्लेटफॉर्म खड़ा किया। यह प्लेटफॉर्म मुलायम की पहली पत्नी मालती देवी के मेमोरियल के करीब ही बनाया गया। मालती देवी की 2003 में मृत्यु हो गई थी।

अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे राजनाथ-रामदेव और 2 राज्यों के मुख्यमंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस नेता कमलनाथ, मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद थे। श्रद्धांजलि देने वालों में आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू, भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी और योगगुरु बाबा रामदेव भी थे।

इनके अलावा राकांपा चीफ शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, भाजपा सांसद वरुण गांधी, मेनका गांधी, आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी, सहारा के चीफ सुब्रत राय सहारा, स्वामी प्रसाद मौर्य और अभिषेक बच्चन और उद्योगपति अनिल अंबानी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

लाखों कार्यकर्ताओं ने लगाया नारा- नेताजी अमर रहें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में 3 दिन के शोक की घोषणा की है। वे सोमवार को ही सैफई पहुंचे थे और मुलायम के अंतिम दर्शन किए। बिहार में भी एक दिन का राजकीय शोक था।

मेदांता में सोमवार सुबह 8:16 बजे निधन के बाद जब नेताजी का शव सैफई लाया गया तो घर पर हजारों कार्यकर्ता जमा हो गए। रात से लेकर सुबह तक नारे लगते रहे- नेताजी अमर रहें। फिर सुबह पार्थिव देह मेला ग्राउंड लाई गई ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मुलायम सिंह के अंतिम दर्शन कर सकें। यहां लाखों की तादाद में लोग पहुंचे। मेला ग्राउंड ही नहीं, पूरे सैफई में पैर रखने की जगह नहीं दिखाई दे रही थी।