पेशी पर पेशी फिर भी किसान को नहीं मिल सका मुआवजा, गरीब किसान हैं बेहद परेशान

Chhattisgarh Crimes

पूरन मेश्राम/ छत्तीसगढ़ क्राइम्स

मैनपुर। सोसायटी में समर्थन मूल्य पर धान बेचने किसान ने 75 पैकेट धान कोठार में इस आश से रखा था की उसे उसकी उपज का अच्छा दाम मिल जायेगा तो वह अपने और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर लेगा पर उसके उम्मीदों पर पानी तब फिर गया जब उसके रखे धान के पैकेट आग में खाख हो गए। आग लगने के बाद उसे सरकार से मिलने वाले मुआवजा पर भरोसा था पर किसानों के हमदर्द होने का दंभ भरने वाली सरकार साल भर बीतने के बाद भी गरीब किसान को मुआवजा राशि नहीं दे पाई है। जो सिस्टम पर सवाल ही नहीं प्रश्नवाचक चिन्ह खड़ा करता है।
जबकि गरीब किसान तहसील कोर्ट का तीन बार चक्कर लगाने के साथ ही पेशी में तहसीलदार के पास खड़ा होकर गवाहों के साथ में अपना पूरा ब्यान दे चुका है। मगर इस ओर ध्यान देने वाले जिम्मेदार अफसर दिखाई नहीं दे रहें।

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हम बात कर रहे हैं गरियाबंद जिले के विकासखंड मैनपुर से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ ग्राम पंचायत गोना के ग्राम केरापारा के गरीब किसान मनक राम पिता जगत राम नेताम जाति गोंड़ जिनका 9 नवंबर 2020 रात्रि 8 बजे के आसपास पूरे परिवार 75 पैकेट पतला धान मिलिंग करके सोसाइटी में बेचने के लिए कोठार मे रखा गया उनके रखवाली में परिवार आग जलाकर नीचे में सोया हुआ था कि अचानक गरीब किसान के जीवन में आकस्मिक घटना घटी जिसे नहीं भुलाया जा सकता किसान के जीवन में दुख ही दुख और पीडित परिवार अपने दुख के आंसू को आज भी नहीं पोछ पा रहा है।

लकड़ी के मड़वा जिसके ऊपर पैरा रखा हुआ था उसके नीचे में आग जलाकर किसान धान का रखवाली कर रहा था अचानक लकड़ी के पाटी टूट जाने के कारण ऊपर का पैरा नीचे आग में गिरते हुए पूरे धान को चपेट में ले लिया गया देखते ही देखते भयावह आग की लपटों से पूरा 70 पैकेट धान जलकर राख हो गया। बड़ी मुश्किलों से 5 पैकेट धान को गांव के पड़ोसी के सहारे बाहर निकाला गया। जिसका संपूर्ण दस्तावेज बनाकर ग्राम पंचायत गोना पुलिस थाना शोभा एवं हल्का पटवारी को देते हुए पूरा प्रकरण तहसील ऑफिस मैनपुर में जमा कराते हुए किसान तहसील कोर्ट में तीन बार पेशी जाने के बाद भी आज तक मुआवजा राशि नहीं मिलने के कारण बेहद परेशान होने लगा है। लंबी अवधि बीतने के बाद भी मुआवजे की राशि नहीं मिल पाना दुर्भाग्य जनक लगता है किसान हितैषी सरकार होने का दंभ भरने वाली सरकार ऐसे मामलों पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है समझ से परे है।

ऐसा ही मामला और हैं जिसमें ग्राम पंचायत अड़गडी के फूलवती मरकाम पति गुरवारू राम मरकाम जाति गोड़ का साल भर बीतने को है 130 कट्ठा में से 100 कट्ठा धान जलकर राख हो गया था जिनका भी अभी तक मुआवजा राशि नहीं मिल पाया है।