रायपुर की आनंद विहार रेसिडेंस विकास सोसायटी को बड़ा कानूनी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने सोसायटी के रजिस्ट्रेशन रद्द करने संबंधी रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही सोसायटी के खिलाफ प्रस्तावित दंडात्मक और निरस्तीकरण संबंधी कार्रवाई भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है।दरअसल, रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं ने 25 नवंबर 2025 को आनंद विहार रेसिडेंस विकास सोसाइटी का पंजीयन निरस्त करने का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ सोसायटी ने राज्य सरकार के समक्ष अपील दायर की थी। अपील की सुनवाई के दौरान सोसायटी ने तर्क दिया कि रजिस्ट्रेशन रद्द होने से उसके नियमित संचालन पर गंभीर असर पड़ रहा है।
सोसायटी की ओर से प्रस्तुत आवेदन में बताया गया कि उसके बैंक खातों में कल्याणकारी कार्यों के लिए जमा राशि है, लेकिन पंजीयन निरस्त होने के बाद खातों का संचालन प्रभावित हो गया। इसके चलते कर्मचारियों का वेतन, रखरखाव खर्च और अन्य जरूरी भुगतान रुक गए थे, जिससे सोसायटी के दैनिक कामकाज में बाधा आ रही थी।
सरकार ने कहा- अंतिम निर्णय तक कार्रवाई स्थगित
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अपीलीय प्राधिकारी उमेश कुमार पटेल ने उपलब्ध दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंतरिम राहत देते हुए आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि मामले के अंतिम निराकरण या अगले आदेश तक रजिस्ट्रार द्वारा जारी पंजीयन निरस्तीकरण आदेश के क्रियान्वयन और उसके आधार पर की जा रही कार्रवाई को स्थगित रखा जाएगा।
सोसायटी प्रबंधन ने जताया संतोष
सोसायटी प्रबंधन ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्यायसंगत बताया है। उनका कहना है कि इससे सोसायटी के नियमित कार्य, कर्मचारियों का भुगतान और रहवासियों से जुड़े जरूरी कामकाज प्रभावित नहीं होंगे।
क्या है पूरा मामला?
25 नवंबर 2025 को रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं ने सोसायटी का पंजीयन निरस्त किया था।
आनंद विहार सोसायटी ने राज्य सरकार के समक्ष अपील दायर की।
अपील में कहा गया कि आदेश से सोसायटी का संचालन ठप हो रहा है।
सरकार ने अंतरिम राहत देते हुए निरस्तीकरण आदेश के प्रभाव पर रोक लगा दी।
अंतिम फैसला आने तक सोसायटी का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा।