हॉटस्पॉट होने के बाद भी आरडीए भवन कंटेनमेंट जोन घोषित नहीं, कर्मचारी संघ ने की कंटेनमेंट जोन घोषित करने की मांग

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। राजधानी रायपुर में रायपुर विकास प्राधिकरण में 28 कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित हो जाने तथा दो कर्मचारियों के कोरोना की चपेट में आने के बाद निधन हो जाने से जहां कर्मचारियों में शोक की लहर है। वहीं अब तक आरडीए भवन को कंटेनमेंट जोन घोषित नहीं किये जाने से कर्मचारियों सहित व्यवसायियों में दहशत का माहौल है।

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अजय तिवारी एवं रायपुर विकास प्राधिकरण कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार अवस्थी ने कहा कि यहां कर्मचारियों के कोरोना संक्रमण में आने से कर्मचारी वर्ग काफी भयभीत है और दहशत के बीच काम कर रहे हैं। ऐसे में जिस तरह मंत्रालय व संचनालय में 50 प्रतिशत ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। उसी प्रकार आरडीए सहित प्रदेश के अन्य कार्यालयों में भी काम लिया जाये। साथ ही नियमानुसार संक्रमित कर्मचारियों का 50 लाख का बीमा जो अब तक नहीं हुआ है उसे शीघ्र किया जाये। दोनो कर्मचारी नेताओं ने कहा कि रायपुर कलेक्टर द्वारा पांच लोगों के कोरोना संक्रमित पाये जाने पर उस स्थान को कंटेनमेंट जोन घोषित करने का नियम बनाया गया है तो अब तक आरडीए भवन को कंटेनमेंट जोन क्यों घोषित नहीं किया गया है। इसे तत्काल कंटेनमेंट जोन घोषित करने की मांग किया है।

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यहां पर यह बताना लाजमी होगा कि आरडीए भवन में दो शासकीय कार्यालय सहित अनेक व्यापारिक दफ्तर संचालित हैं जहां पर सैकड़ों लोग रोजा आना जाना करते हैं। ऐसे में यहां पर कोरोना संक्रमण के फैलने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।