खाने में नशा का दवा मिलाकर कारीगर ने पार किया था 23 लाख रुपयों का सोना, कोलकाता से गिरफ्तार

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। राजधानी पुलिस ने अपने साथियों के खाने में नशे की दवा मिलाकर 23 लाख रुपयों का सोना चोरी करने वाले आरोपी को कोलकाता से धरदबोचा है।

आपको बता दें कि महावीरचंद बरडिया ने कोतवाली थाना पहुंच रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 586 ग्राम सोना जिसकी कीमत लगभग 23 लाख 10 हजार रुपए है को उसके कारीगर विप्लव सामंत कारखाने से चोरी करके ले गया है। राजधानी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल की और पाया कि विप्लव सामंत तकरीबन 5 दिन पहले ही काम के लिए अनूप ज्वेलर्स के कारखाने में आया था और काम करने के पश्चात अपने अन्य कारीगर साथियों के साथ बूढ़ा तालाब के मकान में रहता था। कारखाने की चाबी मुख्य कारीगर प्रतापगिरी के पास थी जो विप्लव के साथ में ही रहता था। 16 दिसंबर 2019 को विप्लव की सब्जी बनाकर उसमें नशे का दवाई मिलाकर अपने सभी कारीगर साथियों को खिला दिया और खुद को गैस की समस्या बताकर खाना ही नहीं खाया खाना। खाने के पश्चात सभी कार्य कर बेहोश हो गए इसी दौरान विप्लव चाबी निकालकर चोरी की घटना को अंजाम दिया।

पुलिस ने बताया कि मोबाइल नंबर के सीडीआर के अध्ययन से विप्लव की पहचान प्रशांतो सनकी जिला हुगली पश्चिम बंगाल के रूप में हुई जिस पर उसके निवास स्थान पर दबिश दी गई जहां से आरोपी को पकड़कर पूछताछ की गई। आरोपी ने बताया कि उसने तपन जाना और शेक राजू के साथ मिलकर पूरी वारदात को अंजाम देने की साजिश रची थी व उसके दोनों ही साथी चोरी के 1 दिन पूर्व रायपुर के चिकनी मंदिर गोल बाजार के पास आकर विनायक होटल में रुके थे। सोना चोरी करने के बाद सभी मुंबई चले गए थे। मुंबई में राजेश अली मिला था जिस ने आरोपी को इस काम के लिए 50 हजार रुपए दिए थे। राजेश अली और शेक राजू ने मुंबई में उक्त सोने को बेच दिया। फिलहाल पुलिस आरोपी के कथन के अनुसार शेख राजू, राजेश अली व तपन जाना सभी निवासी पश्चिम बंगाल के निवास पर दबिश दी है जो फिलहाल फरार बताया जा रहे हैं।

पुलिस ने पूछताछ में पाया है कि आरोपियों द्वारा अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है। आज आरोपी को रायपुर लाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल दाखिल करवाया गया है। बाकी सभी आरोपियों की पतासाजी में पुलिस टीमें जुटी हुई है।