15 लोगों की मौत,203 लोग अभी भी लापता, खोज जारी

Chhattisgarh Crimes

नईदिल्ली। उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हो गया। अबतक के राहत और बचाव कार्य के दौरान चमोली जिला पुलिस ने 15 शव मिलने की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि अभी भी 203 से अधिक लोग लापता हैं। रात में भी बचाव कार्य जारी रहा। नुकसान का आकलन जारी है। सुबह तड़के चार बजे से एक बार फिर बचाव कार्य शुरू हो गया है। सुरंगों के पास से मलबा हटाया जा रहा है। माना जा रहा है कि इनमें काफी लोग फंसे हुए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। राज्य सरकार चार और केंद्र सरकार दो लाख रुपये की सहयोग राशि देगी। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव का कार्य कर रहे हैं। वैश्विक नेताओं ने घटना पर गहरा दुख जताया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र ने आवश्यकता होने पर मदद करने की पेशकश की है।

अपर्णा कुमार (डीआईजी, सेक्टर हेडक्वार्टर, ITBP देहरादून) ने कहा कि बड़ी टनल को 70-80 मीटर खोला गया है, जेसीबी से मलबा निकाल रहे हैं. यहां कल से 30-40 कर्मी फंसे हुए हैं. आईटीबीपी, उत्तराखंड पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना यहां संयुक्त ऑपरेशन कर रही है. क़रीब 153 लोग लापता हैं.

खबर के अनुसार उत्तराखंड के आपदाग्रस्त चमोली जिले में सोमवार को बचाव और राहत अभियान में तेजी आने के साथ ही कुल लापता 153 लोगों में से 10 के शव बरामद हो चुके हैं . ऋषिगंगा घाटी में हिमखंड टूटने से रविवार को अचानक आई भीषण बाढ़ से प्रभावित 13.2 मेगावाट ऋषिगंगा और 480 मेगावाट तपोवन विष्णुगाड पनबिजली परियोजनाओं में लापता हुए लोगों की तलाश के लिए सेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के जवान जुटे हुए हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी ITBP की टीम की मानें तो एक सुरंग में करीब 30 लोग फंसे हैं. 300 जवान टनल साफ करने में जुटे हुए हैं. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि करीब 170 लोग अभी भी लापता हैं. कल 12 लोग जो बचाए गए हैं, वो एक दूसरी टनल थी.