राधेकृष्ण दुबे/महासमुंद
महासमुंद के लालवानी गली में हुई हत्या में बहुत से अफवाह के बाजार गर्म है लेकिन अगर अफवाहों से हटकर देखा जाए तो बहुत से प्रश्न खड़े होते है जो यह है।
मृतक पहचान खबरों के अनुसार यूपेश चंद्राकर के रूप में की जा रही है यह किस आधार पर किया जा रहा है ?
मृतक की हत्या कब कहा कैसे की गई यह भी जांच का विषय है?
मृतक की हत्या क्या उसी मकान में हुई जहा शव प्राप्त हुआ या अन्य कही हुई तथा हत्या में प्रयुक्त हथियार प्राप्त हुआ या नहीं ?
पुलिस को यह पता कैसे लगा की मृतक का शव उक्त जगह पर रखा गया है?
क्या कोई आरोपी पकड़ा गया है?
अगर आरोपी पकड़ा गया है तो उसके मृतक से क्या संबंध थे?
क्या घटना अवैध संबंध की परिणीति है?
अगर कोई आरोपी पकड़ा गया है और मृतक युपेश चंद्राकर ही है तो पिछले 6 महीने से आरोपी खुलेआम लोगो के बीच घूम रहा था क्या?
इन प्रश्नों के अलावा सबसे बड़ा प्रश्न चिन्ह यह है की शहर के बीच वी आई पी लोकेशन में इतनी जघन्य हत्या को अगर अंजाम दिया गया तो जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र की बागडोर क्या सुरक्षित हाथों में है?

