कारोबारी ने लिया कर्मचारी के नाम पर 30 लाख का लोन, प्रधानमंत्री-राज्यपाल से शिकायत के बावजूद थाने में FIR नही

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। रायपुर में एक युवक कुछ लोगों की जालसाजी में फंसकर दर-दर की ठोकरे खा रहा है। उसने मदद के लिए प्रधानमंत्री ऑफिस, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल और रायपुर एसएसपी से भी गुहार लगाई है। वहां से संबंधित अधिकारियों को समस्या के समाधान करने के निर्देश भी दिए गए। बावजूद युवक की कबीर नगर थाने में FIR दर्ज नही की जा रही है। युवक ने अब मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करने की बात कही है।

ये पूरा मामला आदर्श चौक, कबीर नगर थाना इलाके के रहने वाला चंद्रशेखर शर्मा का है। चंद्रशेखर ने अपनी शिकायत में बताया कि वह विजय अग्रवाल और उसकी पत्नी नीना अग्रवाल की दुकान में साल 2019-20 से नौकरी कर रहा था। उसकी कुछ महीनों में मालिक के साथ अच्छी जान पहचान हो गई। उन्होंने चंद्रशेखर को बिजनेस पार्टनर बनाने का झांसा दिया। उसके नाम पर रायपुर में एक जमीन खरीदी।

इसके बाद आरोपियों ने चंद्रशेखर शर्मा के नाम की खरीदी जमीन पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा से 30 लाख रुपए का लोन पास करवाया। लोन के लिए चंद्रशेखर से सभी कागजात लिए। इस लोन के बदले आरोपियों ने बैंक में खरीदी हुई जमीन को गिरवी रखवा दी। फिर लोन में मिले पैसे को उन्होंने एक परिचित के अकाउंट में ट्रांसफर करवा दिया।

आरोपी पति-पत्नी ने इस पूरे कांड के बाद चंद्रशेखर को कहा कि लोन के पैसों को बटन, धागे और टेलरिंग काम के लिए एक कंपनी को भेजे है। वहां से समान आने के बाद नया बिजनेस चालू हो जायेगा। जब लंबे वक्त तक किसी प्रकार का कोई सामान नही आया तो चंद्रशेखर को शक हुआ। उन्होंने जब इस बारे में पूछताछ की तो उसे नौकरी में आने से मना कर दिया।

इस मामले में पीड़ित चंद्रशेखर ने विजय अग्रवाल और नीना अग्रवाल के अलावा अनमोल अग्रवाल, सर्वेश पांडे और मनोज मिश्रा पर भी कई आरोप लगाया है। चंद्रशेखर के मुताबिक, सर्वेश पांडे समेत विजय और अनमोल अग्रवाल पर कई अन्य जगहों पर धोखाधड़ी की शिकायतें है। पीड़ित का कहना है कि उसे भी इसी तरह पैसों के लिए जाल में फंसाया गया है।

बैंक वाले कर रहे है परेशान, मारपीट भी हुई

पीड़ित ने कहा कि उनके नाम से 30 लाख रुपए के लोन होने की वजह से अब बैंक वाले उन्हें परेशान कर रहे है। उन्हें वसूली के लिए लगातार धमकाया जा रहा है। इसके साथ ही पीड़ित का आरोप है कि इस विवाद को लेकर 25 फरवरी को कबीर नगर थाना क्षेत्र में आरोपियों की तरफ से गाली-गलौज कर मारपीट भी की गई। जिसके बाद उन्होंने थाने में इसकी भी शिकायत दी थी।

इस मामले में चंद्रशेखर ने 14 फरवरी को प्रधानमंत्री ऑफिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई। वहां से कहा गया कि आप अपने करीबी थाने में जाकर FIR दर्ज करवाइए। उसके बावजूद कोई एक्शन नही हुआ। युवक ने हताश होकर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को शिकायत के साथ इच्छा मृत्यु की मांग की। इसके बाद राज्यपाल के अवर सचिव ने रायपुर कलेक्टर और एसएसपी को इस मामले में एक्शन लेने के निर्देश दिए।

युवक को रायपुर एसएसपी संतोष सिंह ने भी 4 मार्च को बुलवाकर FIR करवा कर जल्द आरोपियों के खिलाफ एक्शन लेने का आश्वासन दिया। उसके मौजूद अब तक थाने में युवक की एफआईआर दर्ज नही की गई है और न ही कोई एक्शन लिया गया है।

11 मार्च को आत्मदाह की चेतावनी

चंद्रशेखर ने कहा कि वह पूरी तरह परेशान हो चुके है। उन्हें कही से मदद नही मिल रही है। वो हरियाणा के एक किसान परिवार से है और रोजी मजदूरी का काम करते है। वो लाखों रुपए का लोन कैसे चुका पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस घटना को सुनने के बाद उनके पिताजी को हार्ट अटैक भी आ चुका है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्यवाई न होने पर 11 मार्च को मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है।

Exit mobile version