लोकसभा तक पहुंच गया महासमुंद जिला में अवैध शराब बिक्री का मामला

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। महासमुंद जिला में अवैध शराब का कारोबार किस तरह लोगों को अपने मकडजाल की गिरफ्त में ले चुका है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि अवैध कारोबार के खिलाफ महासमुंद लोकसभा के सांसद को लोकसभा का ध्यान आकर्षित कराने की नौबत आ गई। सांसद महोदय इस अवैध शराब के कारोबार के साथ जिले के अन्य ज्वलंतशील मुद्दों पर भी अगर लोकसभा का ध्यानाकर्षण कराते तो और भी अच्छा होता पर जिस तरह से उन्होंने ऐसे समय में, जब सत्ताधारी दल के नेता इस अवैध कारोबार के खिलाफ कुछ कहने को तैयार नहीं हैं, लोकसभा में इस मामले को उठाकर महिलाओं की सुरक्षा, शराब के चलते अशांत होते गांव और आये दिन शराब के नशे में धुत व्यक्तियों के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने जैसे मामलों पर चिंता जाहिर कर इस मुद्दे को लोकसभा में उठाकर न केवल जिले का, बल्कि राज्य व देश का ध्यान भी उन्होंने आकर्षित किया है। इसके लिए सांसद साहू साधुवाद के पात्र हैं।

प्रशासन की लाचारी के चलते शर्मसार हुआ जिला

चाहे हीरा तस्करी का मामला हो, चाहे गांजा तस्करी का मामला या फिर बिना पुख्ता कागजात के भारी भरकम राशि ले जाने का मामला हो, जिले की पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर न केवल जिला में अपितु पूरे प्रदेश में खूब सुर्खियां बटोरी है। क्या प्रिंट मीडिया, क्या इलेक्ट्रानिक मीडिया या सोशल मीडिया में लगातार महासमुंद जिला पुलिस की कार्रवाई प्रमुखता के साथ छाई रही है पर जैसे ही अवैध शराब के कारोकार पर नजर फेरो तो पुलिस विभाग व आबकारी विभाग ने दो पेटी, पांच पेटी अवैध शराब की धरपकड़ की कार्रवाई कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। जबकि मीडिया में बड़े पैमाने पर जिला में शराब के अवैध कारोबार की खबरें लगातार प्रकाशित हो रही है। सूत्रों की मानें और जो सरे राह चर्चा है उसके मुताबिक इस अवैध शराब कारोबार के पीछे जिले के एक रसूखदार सफेद पोश की संलिप्तता बताई जा रही है। शायद यही सफेदपोश जिला पुलिस, आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की मजबूरी बन गया है तभी तो जिले के गांव-गांव में अवैध शराब का कारोबार करने वाले बड़े आसानी से अवैध शराब खपाकर मालामाल हो रहे हैं।

सफेदपोशों के आगे हमने प्रशासन को कई बार गांधारी बनते देखा है पर इस तरह आंख मूंदकर अवैध कारोबार को फलते-फूलते पहली बार देखने को मिल रहा है। खैर जो भी बात हो महासमुंद जिले में अवैध शराब की बिक्री का मामला लोकसभा में उठने से जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर ऊंगली उठ रही है, वहीं महासमुंद जिला शर्मसार भी हुआ है।

डीजीपी का आदेश

प्रदेश में लगातार अवैध शराब बिक्री की खबर सामने आने के बाद इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस विभाग के मुखिया ने कड़े निर्देश दिये थे कि किसी भी थानेदार के इलाके में अवैध शराब बिक्री हुई तो थानेदार को जिम्मेदार मानते हुए उनके निलंबन की कार्रवाई की जायेगी। वहीं इसके लिए इलाके के एसपी जिम्मेदार होगा। राजधानी रायपुर पचपेड़ी थना प्रभारी सुनील तिर्की के विरुद्ध शराब की अवैध बिक्री, अवैध परिवहन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण न करने पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।