रायगढ़ में रिटायर्ड शिक्षक के बैंक खाते से गांव के युवक ने 6 साल में 47 लाख 5 हजार रुपए अपने और बाकी बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। शिक्षक को इसकी जानकारी तब हुई, जब उन्होंने मकान निर्माण के लिए जमीन खरीदने के दौरान बैंक से खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। इसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। ग्राम कांटाहरदी के रहने वाले रघुनाथ सिदार (65) रिटायर्ड शिक्षक हैं। उनका SBI की कोतरारोड शाखा में बचत खाता है। इसी खाते में नौकरी के दौरान उनका वेतन आता था और वे अपनी बचत की रकम भी जमा करते थे। रघुनाथ साल 2024 में शिक्षा विभाग से रिटायर हुए।
साल 2020 में नौकरी के दौरान रघुनाथ बैंक से चेकबुक के जरिए रुपए निकालने के लिए गांव के छत्रपाल सिदार की मदद लेते थे। छत्रपाल उनके समाज और गांव का होने के कारण उनका विश्वासपात्र बन गया था। उसका रघुनाथ के घर भी आना-जाना था। इस दौरान छत्रपाल कई बार रघुनाथ के मोबाइल का भी इस्तेमाल करता था।
बैंक जाकर पैसे निकालने में भी करता था मदद
रघुनाथ ने पुलिस को बताया कि छत्रपाल साल 2020 से उनकी नौकरी के दौरान और रिटायरमेंट के बाद भी अप्रैल 2026 तक बैंक जाकर पैसे निकालने में मदद करता रहा। जून 2024 में रिटायरमेंट के बाद रघुनाथ के खाते में GPF, ग्रेच्युटी, अवकाश समर्पण और अन्य देय राशि जमा हुई थी।
स्टेटमेंट निकलवाया तो 47 लाख ट्रांसफर मिले
रिटायरमेंट के बाद जुलाई में रघुनाथ मकान निर्माण के लिए जमीन खरीदना चाहते थे। इसके लिए वे SBI पहुंचे और अपने बचत खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट देखने पर पता चला कि जनवरी 2020 से जून 2026 के बीच उनके खाते से 47 लाख 5 हजार रुपए अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए ट्रांसफर किए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह रकम छत्रपाल ने अपने ग्रामीण बैंक, IDBI बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और बाकी बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की थी। बैंक स्टेटमेंट देखने के बाद रघुनाथ को अपने साथ धोखाधड़ी होने की जानकारी हुई।
आरोपी के खिलाफ केस दर्ज
मामले की जानकारी होने के बाद रघुनाथ ने कोतरा रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने छत्रपाल सिदार के खिलाफ धारा 318(4)-BNS के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।