छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी रामगोपाल अग्रवाल ने 3 साल बाद सरेंडर किया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी रामगोपाल अग्रवाल ने 3 साल बाद सरेंडर किया। रामगोपाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष थे। उन पर घोटाले का पैसा राजीव भवन मंगवाने का आरोप है।

बुधवार को उन्होंने रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के दफ्तर पहुंचकर सरेंडर किया। गुरुवार को EOW ने मेडिकल जांच के बाद अग्रवाल को रायपुर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 17 जुलाई तक EOW की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान EOW की टीम उनसे मामले में पूछताछ करेगी।

बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि EOW ने 14 दिन कि रिमांड मांगी थी, लेकिन दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 9 दिन की कस्टोडियल रिमांड दी है। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। इसके विरोध में कांग्रेस कल पूरे प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के विरोध में कोर्ट पहुंचे थे। दैनिक भास्कर ने उनसे बातचीत की तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं भी इस केस में अभियुक्त हूं इसलिए मैं कुछ नहीं कह सकता।

घोटाले का पैसा राजीव भवन मंगवाने का आरोप

मामला कोयला लेवी घोटाले की जांच से जुड़ा है। जांच के दौरान सूर्यकांत तिवारी की जब्त डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपए की एंट्री मिली है।

EOW का दावा है कि यह रकम रामगोपाल अग्रवाल के जरिए कांग्रेस भवन तक पहुंची थी। पैसे कहां से आए, किसने पहुंचाए, किसने लिए और उनका इस्तेमाल कहां हुआ, इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ जारी है। वहीं, EOW ने उनके बेटे वैभव अग्रवाल से भी 2 दिनों तक लंबी पूछताछ की है।

EOW का दावा है कि शराब घोटाला केस में अनवर ढेबर और उसके लोगों ने करोड़ों रुपए कांग्रेस भवन में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाए। इसके अलावा कस्टम मिलिंग केस में भी रोशन चंद्राकर ने करोड़ों रुपए कांग्रेस भवन में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाए।

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