कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने बाड़ी में गांजा की खेती करने और उसे बेचने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 885 ग्राम गांजा और गांजे के पौधे बरामद किए गए हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 48,500 रुपये है।
चारामा पुलिस को 23 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मचान्दुर, सड़कपारा निवासी डमरू सिंह अपने घर की बाड़ी में अवैध रूप से गांजे के पौधे उगा रहा है। साथ ही, उसके पास बिक्री के लिए गांजा भी थैले में रखा हुआ है। थाना प्रभारी सुरेश कुमार राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
बाड़ी में मिले गंजे के पौधे
पुलिस टीम ने मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंचकर संदिग्ध डमरू सिंह से पूछताछ की। तलाशी के दौरान उसके घर की बाड़ी से 6 छोटे-बड़े गांजे के पौधे बरामद हुए, जिनका कुल वजन 605 ग्राम था। पौधों के पास रखे एक कपड़े के थैले से 280 ग्राम अवैध गांजा भी जब्त किया गया। कुल 885 ग्राम गांजा और गांजे के पौधे जब्त किए गए।
पुलिस की कार्रवाई
पूछताछ में आरोपी डमरू सिंह ने बताया कि वह वीरेंद्र सिंह के साथ मिलकर गांजा खरीदकर बेचता था। इसके बाद पुलिस ने वीरेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में डमरू सिंह (69) और वीरेंद्र सिंह (42) शामिल हैं, दोनों मचान्दुर, सड़कपारा, थाना चारामा, जिला कांकेर के निवासी हैं। बरामद किये गए गंजे की कुल अनुमानित कीमत 48,500 रुपये है।
आरोपी का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है
डमरू सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, जिसमें उसके खिलाफ 2003, 2010 और 2012 में एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन मामले दर्ज हैं। वीरेंद्र सिंह के खिलाफ भी आबकारी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत 2018, 2021 और 2024 में मामले दर्ज हैं।