
बसंतपुर पुलिस के मुताबिक आरोपी ट्रक में नारियल भूसा भरे थे। भूसे के बीच में गांजे की बोरियां थीं, जिसे टेप से लपेटा गया था। चेकिंग के दौरान आरोपियों ने ट्रक से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। तीनों आरोपी UP के रहने वाले हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, बसंतपुर थाना प्रभारी जीतेंद्र सिंह को रविवार रात को सोर्स से जानकारी मिली थी कि एक ट्रक में बड़ी मात्रा में गांजा लोड है, जो छत्तीसगढ़-उत्तरप्रदेश बॉर्डर पर है। ट्रक में 3 लोग सवार हैं। सोर्स ने ट्रक नंबर RJ 32 GE 0960 भी बताया। सूचना मिलते ही बसंतपुर पुलिस एक्टिव हो गई।
बसंतपुर पुलिस अपनी टीम के साथ छत्तीसगढ़–उत्तरप्रदेश की सीमा पर स्थित धनवार बैरियर पहुंची। बैरियर पर रोज की तरह गाड़ियों की सामान्य जांच चल रही थी। इसी दौरान भूसे से भरा ट्रक धीरे-धीरे चेक पोस्ट की ओर बढ़ा। ट्रक का नंबर RJ 32 GE 0960 था। पुलिस को इसी की तलाश थी।
पुलिस से बातचीत में लड़खड़ाने लगी जुबान
इस दौरान बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने ट्रक को रोका। ड्राइवर से लोड सामान के बारे में पूछताछ की। ट्रक में सवार लोगों ने बताया कि ट्रक में सिर्फ भूसा भरा हुआ है। बातचीत के दौरान उनकी हड़बड़ाहट और जवाबों में तालमेल की कमी ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने ट्रक की तलाशी शुरू की, तभी ट्रक में बैठे तीनों युवक अचानक नीचे कूदकर भागने लगे। यह देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पहले से सतर्क पुलिसकर्मियों ने तुरंत घेराबंदी कर तीनों को कुछ ही दूरी पर दबोच लिया।
तलाशी में ट्रक से 40 पैकेट गांजा बरामद
इसके बाद जब ट्रक के भीतर भूसे को हटाया गया, तो अंदर छिपा राज सामने आ गया। भूसे के नीचे बड़े करीने से गांजे के पैकेट छुपाकर रखे गए थे। पूरी तलाशी के दौरान ट्रक से 40 पैकेट गांजा बरामद किया गया। वजन करने पर गांजे की मात्रा 1198.46 किलोग्राम, यानी करीब 12 क्विंटल निकली।
UP के रहने वाले हैं पकड़े गए आरोपी
बलरामपुर SP ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान UP के रायबरेली निवासी अमरीश कुमार (23), लखनऊ निवासी अमरीश कुमार पटेल (33) और अमेठी निवासी मनीष कुमार (20) के रूप में हुई है। ट्रक को अमरीश कुमार चला रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह तस्करी किसी बड़े गांजा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेप के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इससे पहले कितनी खेपें इसी रास्ते से निकाली जा चुकी हैं।