
जानकारी के मुताबिक, पुलिया का सत्यापन, मूल्यांकन, भुगतान संबंधित सब-इंजीनियर और एसडीओ की ओर से पहले ही पूरा कर दिया गया था। मामले की शिकायतें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने इसे गंभीरता से लिया।
जांच समिति में सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास विभाग) गोपेश मनहर, डिप्टी कलेक्टर निकिता मरकाम, और लोक निर्माण विभाग की ईई नित्या ठाकुर को शामिल किया गया है। समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिया का मूल्यांकन और सत्यापन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।