
दरअसल, 6 अक्टूबर 2025 को पिता ने पुलिस चौकी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 साल की बेटी 5 अक्टूबर को बिना बताए घर से चली। काफी तलाशने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी की पहचान पहले छात्रावास में पढ़ाई के दौरान रामदयाल लोहार (20) नामक युवक से मोबाइल के जरिए हुई थी।
इसी वजह से उसे छात्रावास से निकाल दिया गया था और वह घर पर रह रही थी। पिता को संदेह था कि रामदयाल लोहार ही उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना के दिन से आरोपी भी घर से था गायब
जांच के दौरान यह भी पता चला कि घटना के दिन से आरोपी भी अपने घर से गायब था। पुलिस ने आसपास के लोगों, रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की। इसी सूचना मिली कि आरोपी रामदयाल लोहार नाबालिग के साथ तेलंगाना राज्य के मेदक जिले के शिवमपेट थाना क्षेत्र के एक गांव में छिपा हुआ है।
लोकेशन मिलने के बाद तेलंगाना पहुंची टीम
पुलिस टीम तेलंगाना के लिए रवाना हुई और छापामार कार्रवाई करते हुए नाबालिग को बरामद किया। साथ ही आरोपी युवक को हिरासत में लिया। दोनों को जशपुर वापस लाया गया। पूछताछ में नाबालिग लड़की ने बताया कि आरोपी से उसकी पहचान हॉस्टल में पढ़ाई के दौरान हुई थी।
शादी का भरोसा दिलाकर किया रेप
आरोपी ने 5 अक्टूबरको प्यार और शादी का झांसा देकर उसे घर से भगा कर तेलंगाना ले गया। जहां उसने शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ दैहिक शोषण किया। पुलिस ने नाबालिग का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और बाद में उसे परिजनों को सौंप दिया।
पॉस्को एक्ट की धारा जोड़ी गई
बालिका के कथन के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(M), 86, 96 और पॉस्को एक्ट की धारा 06 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार करने बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
आरोपी को किया गया जेल दाखिल- SSP
SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस बच्चों और महिलाओं से जुड़े अपराधों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। करडेगा क्षेत्र की नाबालिग बालिका को भगा ले जाने के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए तेलंगाना से बालिका को सुरक्षित बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।