नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई 30 साल के सश्रम कारावास की सजा

Chhattisgarh Crimes

सक्ती। सक्ती जिले में 14 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 30 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी शुभम मिश्रा (24 वर्ष) पर जुर्माना भी लगाया गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने दोषी को सजा सुनाई।

पीड़िता सक्ती थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्ष की नाबालिग छात्रा अपने कमरे में सो रही थी। उसके माता-पिता दूसरे कमरे में सो रहे थे। देर रात पड़ोस का रहने वाला शुभम घर में घुस आया और लड़की के कमरे में जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा ने शोर मचाया। आवाज सुनकर लड़की के माता-पिता कमरे में आए और युवक को पकड़ लिया।

परिजनों ने सक्ती थाने में केस दर्ज कराया। पीड़िता ने बताया कि युवक उसका यौन शोषण 3 महीनों से कर रहा था। उसने उसके माता-पिता और भाई को जान से मारने की धमकी दी थी। युवक ने कहा था कि वो एक मर्डर भी कर चुका है, अगर उसने ये बात किसी को बताई, तो वो उसके परिवार को जान से मार देगा। ऐसे में वो डर गई थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 376, 506 भाग 2, 405 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत केस दर्ज किया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चला और 21 नवंबर को उसे दोषी करार देते हुए 30 साल के सश्रम कारावास और 12 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई।