यूरिया सप्लाई का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह मुंबई से पकड़ाए

Chhattisgarh Crimes

बालोद। यूरिया खाद सप्लाई का झांसा देकर छत्तीसगढ़ के कृषि केन्द्रों के व्यापारियों के साथ ठगी करने वाले दो आरोपी गौरव अग्रवाल और सचिन को छत्तीसगढ़ की बालोद पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी गौरव अग्रवाल छत्तीसगढ़ के ही जशपुर का रहने वाला बताया जा रहा है।

इन ठगों के खिलाफ न केवल बालोद में बल्कि गुंडरदेही, देवरी और गुरूर में भी मामले दर्ज हैं। कई जिलों में ठगी करने का इन पर आरोप है। पुलिस सूत्रों से जानकारी मिली है आरोपी गौरव अग्रवाल पहले कृषि केन्द्र में व्यापारी था। कृषि केन्द्रों में कामकाज के तौर-तरीकों से वह पहले ही वाकिफ था।

उसने अपने साथी सचिन के साथ मिलकर ठगी की शुरूआत की। पुलिस के अनुसार, आरोपी इंटरनेट से कृषि केन्द्रों का मोबाइल नंबर और पता लेते थे, फिर व्यापारियों को यूरिया खाद सप्लाई का झांसा देते थे। एडवांस रकम लेने के बाद वे व्यापारियों से संपर्क तोड़ देते थे। बहरहाल, बालोद पुलिस दोनों आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार करके ट्रांजिट पर बालोद ले आई है।

आरोपी गौरव अग्रवाल का पूर्व में पत्थल मार, जिला जशपुर में यूरिया खाद वे अन्य रासायनिक उर्वरक बेचने का मकान था. इस अनुभव का उपयोग करते हुए आरोपी इन्टरनेट से परिया ताईज कृषि केन्द्रों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर, कृषि केन्द्रों के संचालकों का मोबाईल नम्बर प्राप्त किया. इसके बाद उन्हें फोन करके यूरिया सपलाई करने विश्वास में लेकर संचालकों से एडवांस ले किया. फिर यूरिया खाद नहीं भेजा. इसके लिए वह इन्टरनेट से क्षेत्र विशेष के रेवल एजेंसी का विवरण प्राप्त कर उनसे आॅनलाईन गाडी बुक कराकर गाड़ी के डाइवर के माध्यम से खाद उठवाता था. बाद में उक्त रुपए को जल्दी कैश जैसे कैश सैटलमैंट एजेंसी के माध्यम से अपने या किसी अन्य के एकाउण्ट में लेता था. देवल एजेंसी तथा कैश सैटलमैंट एजेंसी अपना-अपना कमीशन काटकर आरोपी के एकाउण्ट में पैसे भेजा करते थे. आरोपी पकड़ में न आये इसलिए आगरा, दिल्ली, गुडगांव, फरीदाबाद, कलकत्ता तथा मुम्बई जैसे शहरों में थोड़े समय के लिए रहकर अपना ठिकाना बदलते रहता था.