हाई टेक साइबर ठगी के रैकेट का भांडाफोड़, 4 आरोपियों से लाखों का माल बरामद

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने साइबर ठगी के हाईटेक रैकेट का भंडाफोड़ किया है जिस पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए लाखों रुपयों की कीमती स्मार्टफोन, एलइडी टीवी,लैपटॉप आईपैड,क्रेडिट कार्ड, सिम कार्ड, बारकोड स्कैनर सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व 3 लाख रुपयों से अधिक नकदी बरामद किया है।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सबसे पहले सुदीप देवांगन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जिसके बाद उसने बताया कि उसका सरगाना झारखंड के धनबाद में बैठकर ऑनलाइन साइबर ठगी के माध्यम से ओटीपी जनरेट कर कमाए हुए रुपयों को फ्लिपकार्ट,अमेजॉन सहित दूसरी शॉपिंग वेबसाइट पर मोबाइल फोन, टीवी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का आर्डर छत्तीसगढ़ निवासी सुजीत के पते पर भिन्न-भिन्न नामों से करता है। सुदीप ने बताया की वह ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ओने पौने दामों में अपने परिचितों को बांट देता था जिसके बाद उससे आये पैसों से अपना कमीशन काटकर वह उसके मास्टरमाइंड झारखंड के धनबाद के रहने वाले प्रिंस के खाते में पैसे ट्रांसफर कर देता था।इस प्रकार साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था।

वही सुदीप के पास से पुलिस ने 116 सिम सैकड़ों फोन सहित एक लाख रुपए नगदी जप्त किया है। सुदीप की निशानदेही पर तुषार जैन, गौरव बलानी,आशीष झा को भी घेराबंदी कर पकड़ा गया जिसके बाद तुषार के पास से 21 क्रेडिट कार्ड,डाटा केबल,मोबाइल फोन,सीसीटीवी सहित 50 हज़ार नगदी बरामद किया गया। वही आशीष के पास से 75 हज़ार रुपये नगदी समेत लाखों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए,व गौरव बलानी के पास से पुलिस ने 60 हज़ार रुपए नगदी समेत सैकड़ों मोबाइल फोन भी जप्त किया।

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि यहां गोरखधंधा में 5 वर्षों से चला रहे थे व बरामद की गई सामग्री को भी बेचने के ही फिराक में थे लेकिन लगभग डेढ़ वर्ष के लॉकडाउन होने के कारण यह सामान बेचने में असफल रहे जिसे बेचने से पहले ही पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस अब इनके सरगना के लिए उत्तर प्रदेश,झारखंड सहित गुजरात में भी छापेमारी करेगी एवं पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही इनके मास्टरमाइंड पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

पुलिस अब यह भी दावा कर रही है कि इस कार्यवाही से उन्हें साइबर ठगी के महत्वपूर्ण रैकेट को तोड़ने में सफलता प्राप्त हुई है और साइबर ठगी के भविष्य में आने वाले प्रकरणों में कमी आ सकती है।