RSS प्रमुख मोहन भागवत को हुआ कोरोना, नागपुर के अस्पताल में भर्ती

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नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत कोरोना वायरस (कोविड-19) से पाॉजिटिव पाए गए हैं। संगठन ने कहा कि उन्हें नागपुर में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि भागवत को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। इस बात की जानकारी संघ ने शुक्रवार को ट्वीट कर दी। बता दें कि शुक्रवार को देश में कोरोना वायरस के 1.31 से अधिक केस सामने आए थे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परमपूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत शुक्रवार दोपहर कोरोना पॉज़ीटिव हुये है। अभी उन्हें कोरोना के सामान्य लक्षण हैं तथा वे सामान्य जाँच और सावधानी के नाते नागपुर के किंग्ज़वे अस्पताल में भर्ती हुए हैं।

संघ ने ट्वीट कर कहा, ‘आरएसएस के सरसंघसंचालक आज कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। मौजूदा समय में उनमें कुछ हल्के लक्षण दिख रहे हैं और एहतियाती उपाय के तौर पर और नियमित परीक्षण करने के लिए उन्हें नागपुर किंग्सवे अस्पताल में भर्रती कराया गया है।’ बता दें कि मोहन भागवत ने सात मार्च को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ली थी। उन्होंने अब तक दूसरी खुराक नहीं ली है।

इधर, भारत में एक दिन में कोविड-19 के 1,31,968 नए ममाले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या 1,30,60,542 हो गई। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार की सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, वायरस से 780 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,67,642 हो गई। 18 अक्टूबर के बाद सामने आए मौत के ये सबसे अधिक मामले हैं।

आंकड़ों के अनुसार, देश में लगातार 30 दिनों से नए मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और इसके साथ ही उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी बढ़कर 9,79,608 हो गई, जो कुल मामलों का 7.5 प्रतिशत है। देश में 12 फरवरी को सबसे कम 1,35,926 उपचाराधीन मरीज थे। यह संख्या उस समय के कुल मामलों का 1.25 प्रतिशत थी।

आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक 1,19,13,292 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। हालांकि मरीजों के ठीक होने की दर में गिरावट आई है और अब वह 91.22 प्रतिशत है। वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.28 प्रतिशत है। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवम्बर को 90 लाख रहे और 19 दिसम्बर को ये मामले एक करोड़ के पार चले गए थे।