जंगल सफारी में देख सकेंगे मछलियों की दस हजार प्रजातियां, शासन को भेजा गया प्रस्ताव

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। जंगल सफारी में स्थापित जू में जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्नेक पार्क बनाने के साथ मछलीघर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मछलीघर बनाने सफारी प्रबंधन ने एक रिपोर्ट तैयार कर शासन के पास भेजी है। उल्लेखनीय है कि राज्य के किसी जू में पहली बार मछलीघर बनाया जा रहा है।

जंगल सफारी प्रबंधन के मुताबिक जू में जो मछलीघर बनाया जाएगा, वह दोमंजिला होगा। इसके लिए देश के ऐसे एक्सपर्ट से संपर्क कर मछलीघर तैयार किया जाएगा, जिन्होंने अन्य शहरों में विशाल मछलीघर तैयार किए हैं। अफसरों के अनुसार मछलीघर बनाने साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत आएगी। शासन से उक्त राशि दो किस्तों में मिलेगी। मछलीघर का निर्माण दो वर्षों के भीतर कर लिया जाएगा।

मछलीघर को आकर्षक बनाने रंगबिरंगे फौवारे लगाए जाएंगे। साथ ही मछलियों को किसी तरह से नुकसान तथा संक्रमण से बचाने हर सप्ताह पानी बदलने की बात अफसर कह रहे हैं। मछलीघर में नदी-नालों, तालाब में मिलने वाली मछलियों के अलावा समुद्री मछलियां रखी जाएंगी। समुद्री मछली के लिए खारे पानी की व्यवस्था करने पानी में विशेष तरह का केमिकल मिलाया जाएगा। इसके साथ ही समुद्री मछलियों के अलावा केमिकलयुक्त पानी में अन्य समुद्री जीव-जंतुओं को पाला जाएगा। साथ ही ऑक्सीजन लेवल बनाए रखने के लिए मशीन लगाई जाएगी।

सफारी प्रबंधन के मुताबिक दोमंजिला मछलीघर का निर्माण तीन लेयर में रहेगा। इसके साथ ही मछली घर में दस हजार प्रजाति की मछलियां रखने पर विचार किया जाएगा। मछलीघर में देशी के साथ विदेशी प्रजाति की मछलियां रखी जाएंगी। इसके साथ ही मछलीघर को तीन लेयर में बनाने की वजह अंदर से पानी को बहने से रोकने की बात सफारी प्रबंधन के अधिकारी बता रहे हैं।