पुलिस विभाग में फर्जी नियुक्ति का झांसा देकर ठगी करने वाले आरक्षक बर्खास्त

एसएसपी पारुल ने आरोपी पंकज का खत्म किया वर्दी का रौब

Chhattisgarh Crimes

बिलासपुर। भाजपा पार्षद रेणुका नगपुरे सहित 2 अन्य आरोपियों के साथ पुलिस विभाग में फर्जी नियुक्ति कर ठगी की घटना को अंजाम दे रहे आरक्षक पंकज शुक्ला को एसएसपी ने बर्खास्त कर दिया है। एसएसपी पारुल माथुर ने भारतीय संविधान की कंडिका 311 के खंड (2) के परन्तुक के उपखण्ड ख के अधीन प्रददत शक्तियों के आधार पर आदेश पारित कर आरक्षक क्रमांक 5 पंकज शुक्ला रक्षित केंद्र को सेवा से पदच्युत कर उसकी सेवाएं समाप्त की गई है बर्खास्त आरक्षक फिलहाल जेल में है ।

मिली जानकारी के अनुसार बीते 15 जून को कार्यालयीन अवधि में प्रातः 11 बजे पीयूष प्रजापति नामक युवक सहायक उप निरीक्षक (अ) के पद पर नियुक्ति का आदेश लेकर स्थापना शाखा SP कार्यालय बिलासपुर में उपस्थित हुआ था। नियुक्ति पत्र 1 जून को जारी किया था। स्थापना शाखा के एसआई संतोष वैष्णव ने नियुक्ति पत्र का अवलोकन किया और फर्जी प्रतीत होने पर एसएसपी पारुल माथुर को इसकी जानकारी दी। एसएसपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र को असली के समान इस्तेमाल करने पर आरोपी पीयूष प्रजापति के खिलाफ सिविल लाइन थाना में अपराध दर्ज करवा कर गिरफ्तार करवाया।

आरोपी से पूछताछ व प्रकरण की विवेचना में पता चला कि प्रकरण में पार्षद रेणुका प्रसाद नगपुरे,भोजराम नायडू व आरक्षक पंकज कुमार शुक्ला ने 8 लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र बनाया था। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। आरोपी आरक्षक पंकज शुक्ला पुलिस लाइन में पदस्थ था।

आरोपी पूर्व में लंबे समय तक पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में भी पदस्थ रहा था। आरोपी आरक्षक पंकज कुमार शुक्ला का आपराधिक कृत्य पुलिस बल के सदस्य के रूप में विभागीय व्यवस्था एवं नियमों के विपरीत होने के कारण पुलिस विभाग एवं जनहित के कार्यो के लिए उचित न पाने पर एसएसपी ने उसकी वर्दी का रौब खत्म कर दिया और उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया ।