बीजापुर जिले के आवापल्ली स्थित पोर्टाकेबिन आश्रम में अध्ययनरत छठवीं कक्षा की एक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई

Chhattisgarh Crimesबीजापुर जिले के आवापल्ली स्थित पोर्टाकेबिन आश्रम में अध्ययनरत छठवीं कक्षा की एक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक छात्रा की पहचान 12 वर्षीय मनीषा सेमला के रूप में हुई है। वह ग्राम गुंडम निवासी भीमा सेमला की पुत्री थी।

मनीषा की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले आवापल्ली अस्पताल ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर उसे बीजापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, जिला अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही छात्रा ने दम तोड़ दिया।

परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया

इस घटना के बाद परिजन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है। तरेम जनपद सदस्य मनोज अवलम ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज और उचित देखरेख न मिलने के कारण छात्रा की जान चली गई। परिजनों ने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

इलाज के दौरान बच्ची की मौत

जिला मिशन समन्वयक कमलदास झाड़ी ने बताया कि बच्ची को सांस लेने में दिक्कत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज चल रहा था। उन्होंने पुष्टि की कि इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि बच्ची की बड़ी मां आवापल्ली पोर्टाकेबिन में चपरासी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी ने जानकारी दी कि जब बच्ची को अस्पताल लाया गया था, तब उसके चेहरे पर सूजन थी, खून का स्तर (हीमोग्लोबिन) 4 ग्राम था और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। बच्ची का ऑक्सीजन सैचुरेशन भी कम था।

बीजापुर जिला अस्पताल न लाए जाने से छात्रा की मौत

डॉ. पुजारी ने बताया कि छात्रा को आवापल्ली अस्पताल से बीजापुर जिला चिकित्सालय के लिए कल ही रेफर कर दिया गया था, लेकिन उसे बीजापुर नहीं लाया गया। उन्होंने कहा कि यदि छात्रा को कल ही जिला अस्पताल लाया जाता तो उसे खून चढ़ाया जा सकता था और उसकी जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल, जिला अस्पताल में छात्रा के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।

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