हैंडपंप नहीं होने के कारण गरीबा कोटल भट्टी के निवासी कुआं के पानी पीने मजबूर

Chhattisgarh Crimes

कुछ दिन पूर्व गरीबा के ग्रामीण उल्टी दस्त से हुए थे परेशान बड़ी मुश्किलों से स्वास्थ्य विभाग ने किया था रोकथाम

पूरन मेश्राम/छत्तीसगढ़ क्राइम्स

मैनपुर। भीषण गर्मी में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं शुद्ध पेयजल भी नसीब नहीं हो पा रही है। मजबूरी में ग्रामीणों को कुँआ बावली के गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई बार विभागीय अधिकारियों सहित मैदानी अमले के कर्मचारियों को हैंडपंप बोरिंग खनन की मांग किया गया लेकिन एक हैंडपंप भी नसीब नहीं हो पाया।

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यह मामला आदिवासी विकासखंड मुख्यालय मैनपुर के वनांचल ग्राम पंचायत कोचेंगा के आश्रित ग्राम गरीबा के कोटल भट्टी मोहल्ले वासियों का है। जहां 15 परिवार के लोग निवासरत हैं।मैनपुर मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ आदिवासी बाहुल्य गांव है।

इसी गांव में कुछ दिन पूर्व भयंकर उल्टी दस्त से ग्रामीण परेशान हुए थे। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कैंप लगाकर के मरीजों का उपचार करते हुए गंभीर मरीजों को मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर समुचित इलाज करते हुए रोकथाम किया गया है।
अन्यथा भयंकर गंभीर स्थिति से ग्रामीणों को गुजारना पड़ सकता था। हम उसी गांव के कोटलभट्टी मोहल्ले की बात कर रहे हैं, जहां के ग्रामीण आज भी कुआं के पानी पीने को मजबूर है।

मोहल्ले वासी दलसू राम, रायमन नेताम,महेश नेताम,कृष्णा,अर्जुन मरकाम,श्याम लाल मंडावी, सुकन्तीन,प्रेम सिंह मंडावी,रेहेस मंडावी,फूल सिंह,वैशाखू,बसंतीन, सुंदरी बाई,पुलुस मरकाम, सुकली बाई, आनंद मंडावी ने बताया कि गंदा पानी पीने के कारण आए दिन मौसमी बीमारियों का प्रकोप हमेशा रहता है।

इसलिए हमारे मोहल्ले में एक हैंडपंप की नितांत आवश्यक है जिला के कलेक्टर एवं संबंधित विभाग से गरीबा के कोटलभट्टी मोहल्ले वासी हैंडपंप खनन के लिए मांग किया गया है।