राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कमार जाति के छात्र-छात्राओं ने क्रिकेट स्टेडियम पहुँच मैच का आनंद लिया

बोले युवराज के लगाए छक्के और सचिन के चौके जीवन भर याद रहेंगे

Chhattisgarh Crimes

महासमुंद। विशेष पिछड़ी आदिवासी जनजाति कमार के कक्षा 10 वी और 12 वी के 27 छात्र-छात्राओं ने शनिवार को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचें और रोड सेफ्टी क्रिकेट वर्ल्ड सीरीज 2021 के अन्तर्गत इंडिया लीजेंड और साउथ अफ्रीका लीजेंड के बीच हुए मैच का आनंद लिया। युवी की बल्लेबाजी देख रोमांचित हुए । खुश हो कर बोलें युवराज के लगाए छक्कों और सचिन के चौके जीवन भर याद रहेंगे। छात्र-छात्राओं ने इस यादगार पल के लिए कलेक्टर और सीईओ जिÞला पंचायत का आभार व्यक्त किया। देर रात सभी छात्र सुरक्षित घर पहुँच गए। कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने खास तौर पर क्रिकेट मैच के टिकट के साथ आने-जाने और भोजन आदि की व्यवस्था की। कलेक्टर डोमन सिंह और डॉ.मित्तल ने इन बच्चों को स्कूल के पाँच शिक्षकों के साथ बस द्वारा मैच देखने के खास इंतजाम किए थे।

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यहाँ गौर करने वाली बात है कि छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जो अपने अंदर कई तरह की विशिष्टताओं को समेटे हुए है। यहां की आदिवासी जनजातियां, उनकी सभ्यता और संस्कृति हमेशा से ही दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करती रही हैं। इन्हीं में से एक यह विशेष पिछड़ी कमार जनजाति। जनजाति को विशेष संरक्षित जनजाति का दर्जा प्राप्त है और इसके साथ ही इन्हें राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहा जाता है। कलेक्टर अन्य जाति के साथ कमार जाति के परिवारों पर विशेष ध्यान दे रहे है। महासमुंद जिले के महासमुंद एवं बागबाहरा विकासखण्ड में भी इनके कुछ परिवार निवासरत हैं। इस जनजाति को भारत सरकार द्वारा ”विशेष पिछड़ी जनजाति” का दर्जा दिया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. रवि मित्तल ने बताया कि महासमुंद जिÞले में इन कमार जाति की महिलाओं को बिहान समूह और पुरुषों को स्व रोजगार से जोड़ने और उन्हें अभिरुचि के अनुसार विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है । बच्चों की पढ़ाई लिखाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ।

बातादें कि अभी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने पिछड़ी जनजाति कमार जाति के एक वर्ष से 49 उम्र की बालिकाओं-महिलाओं की अच्छी सेहत की फिक्र कर मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत उनके आहार में अण्डा देने की अभिनव पहल की है। इस अनूठी पहल में इस जाति के 3 वर्ष से लेकर 6 वर्ष के बच्चों को भी अण्डा मिल रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताए सप्ताह में तीन दिन चिह्नांकित परिवारों के 1500 से ज्यादा बालिकाओं और महिलाओं के साथ 100 से ज्यादा बच्चों उनके घर अण्डा पहुँचा रही है। ताकि कुपोषित बच्चों और एनिमिक पीड़ित महिलाओं की सेहत में जल्दी सुधार हो सके। इससे पहले कलेक्टर ने इन बच्चों को अपने सरकारी निवास पर आमंत्रित किया था। वनाधिकार पट्टा भी मुहैया कराया गया है।