पुलिस अधिकारी निभा रहे शिक्षक की भूमिका, दो साल में 186 से 875 पहुंची विद्यार्थियों की संख्या

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। पुलिस पब्लिक स्कूल प्रदेश में अपनी तरह का पहला विद्यालय है, जो पुलिस परिवार के बच्चों के साथ-साथ सामान्य बच्चों के लिए भी न्यूनतम शुल्क में उच्च गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। स्कूल के पहले सत्र में जुलाई 2019 में विद्यार्थियों की संख्या मात्र 186 थी जो वर्तमान में 875 तक पहुंच चुकी है।

यहां विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा शिक्षा दी जा रही है। शिक्षण सत्र 2020-21 में सीनियर सेकंडरी लेवल तक सीबीएसई मान्यता प्राप्त है। यहां रोजगारपरक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान किया जाना है। यही वजह है कि यहां पर न्यूनतम शुल्क रखा गया है, जिससे समाज के गरीब तबके के बच्चे भी शिक्षा ग्रहण कर सके। दो साल पहले स्कूल का सिर्फ भवन था, लेकिन अब दाखिले के लिए होड़ लगी हुई है।

विद्यार्थियों को पुलिस के कठोर अनुशासन, कानून, बेसिक पुलिसिंग और जीवन रक्षक प्रवीणता कौशल के साथ ही एनसीसी, एसपीसी और स्काउट गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। छात्रों को दैनिक दिनचर्या में नियमित योगाभ्यास के साथ ही व्यवहारिक, व्यावसायिक, शारीरिक और मानसिक दक्षता और समाज के प्रति कर्तव्यों का पाठ भी पढ़ाया जाता है।

विद्यालय द्वारा छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सामान्य पाठ्यक्रम और खेलकूद के अतिरिक्त प्रत्येक छात्र को कंप्यूटर विषय में कोडिंग, वेबसाइट डिजाइनिंग, वेबपेज, गेम क्रियेशन के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, वैदिक गणित एवं बौद्धिक गणित के अध्यापन के लिए प्राथमिक स्तर से ही अग्रसर है। राज्य स्तरीय इंस्पायर पुरस्कार के लिए छात्र-छात्राओं को नामांकित किया जा रहा है।

शिक्षक ले रहे आनलाइन क्लास

कोरोना महामारी के दौर में शिक्षण सत्र आनलाइन प्रारंभ करते हुए प्रत्येक छात्र-छात्राओं को अलग-अलग मेल आइडी प्रदान कर आनलाइन क्लास ली जा रही है। शिक्षकों द्वारा क्लासरूम से ही बोर्ड पर पढ़ाई कराई जा रही है। स्कूल में गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलाजी के लैब का निर्माण भी किया गया है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों का भी महत्व है। इसी को ध्यान में रखते हुए परिसर में नए बास्केटबाल ग्राउंड का निर्माण कराया गया है और इनडोर गेम्स की सुविधा है।

एक हजार से 27 हजार है फीस

पुलिस परिवार के बच्चों के लिए नर्सरी से यूकेजी तक एक हजार, पहली से पांचवीं तक 18 हजार 400 रुपये, छठवीं से आठवीं तक 21 हजार 800 रुपये और नवमीं से दसवीं क्लास के बच्चों के लिए 27 हजार 400 रुपये फीस रखी गई है।

विद्यार्थियों को नवाचार का अवसर प्रदान किया जा रहा है। समय-समय पर विषय-विशेषज्ञों को भी आमंत्रित कर छात्रों को उनके अनुभवों का लाभ प्रदान कर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए कैरियर गाइडेंस के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए
– डीएम अवस्थी, डीजीपी, छत्तीसगढ़