राजधानी में सरकारी जमीन पर जिनका कब्जा है अब बन सकते हैं मालिक, बस चुकानी पड़ेगी डेढ़ गुना ज्यादा राशि

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। राजधानी में जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा करके मकान बना लिए या कोई और इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें उसी जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा। छोटे प्लाट से लेकर 7500 वर्गफीट जमीन के कब्जे वाले लोग नियमितिकरण करवा सकेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन मंगलवार से आवेदन लेगा। हालांकि इसकी कीमत कुछ ज्यादा चुकानी पड़ेगी, क्योंकि प्रशासन ने ऐसी जमीन का रेट वहां के कलेक्टर गाइडलाइन रेट से 150 प्रतिशत ज्यादा (डेढ़ गुना) फिक्स कर दिया है। कब्जे के हिसाब से पूरी कीमत अदा करने के बाद ही ऐसी जमीन की रजिस्ट्री करवाई जाएगी। अफसरों ने बताया कि जमीन के मालिकाना हक के लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। जरूरी दस्तावेज क्या होंगे, इसकी जानकारी प्रशासन की वेबसाइट www.raipur.gov.in पर अपलोड कर दी गई है। आवेदन और दस्तावेजों को कलेक्टोरेट के कमरा नंबर 28 में जमा करना होगा। आवेदन जमा करने के समय बता दिया जाएगा कि कौन से पेपर कम या मिसिंग हैं। उन्हें फिर जमा करने का मौका दिया जाएगा। कलेक्टर डाॅ एस भारतीदासन ने जिले के सभी एसडीएम से कहा कि जितने भी आवेदन आते हैं, उन पर कार्रवाई तय समय में होनी चाहिए। आवेदनों को लंबित नहीं रखना है।

30 साल का पट्टा भी मिलेगा : ऐसी सरकारी जमीन जिसे 30 साल की लीज पर दिया जा सकता है, उसके लिए भी आवेदन कर सकते हैं। जिन लोगों की लीज इस साल खत्म हो रही है, वे भी लीज नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। राज्य सरकार के कुछ संशोधन के बाद अब 7500 वर्गफीट तक जमीन का 30 साल का पट्टा कलेक्टर दे सकते हैं। इस संशोधन के पहले इतनी जमीन के आवंटन का फैसला राज्य शासन लेता था।

फ्री-होल्ड का खर्च अलग से

सरकारी जमीन की बिक्री की नोडल अफसर अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने बताया कि 7500 वर्गफुट की कब्जे वाली जमीन कलेक्टर गाइडलाइन रेट से 150 प्रतिशत रकम देकर नियमित करवाई जा सकती है। इसी जमीन को फ्री-होल्ड करवाने के लिए बाजार मूल्य की 2 फीसदी रकम और देनी होगी। किसी सरकारी जमीन के लिए एक से ज्यादा आवेदन आते हैं, तो फिर उसी जमीन की नीलामी की जाएगी। ऊंची बोली लगाने वाले को जमीन का आवंटन किया जाएगा।

यहां सरकारी जमीन खाली

प्रशासन की ओर से जारी सूची के अनुसार अभी रायपुर में अटारी, हीरापुर, जरवाय, सोनडोंगरी, गोंदवारा, खमतराई, भनपुरी, उरकुरा, दलदल सिवनी, आमासिवनी, कचना, सड्डू, मोवा, कांपा, पंडरी, फाफाडीह, गुढि़यारी, गोंगाव, कोटा, चिरहुलडीह, डूमरतालाब, चंदनीडीह, टाटीबंध, सरोना, रायपुरा, डंगनिया, चंगोराभठा, भाटागांव, मठपुरैना, रायपुर खास, शंकरनगर, तेलीबांधा, लाभांडी, जोरा, पुरैना, फुंडहर, अमलीडीह, टिकरापारा, बोरियाखुर्द, डूंडा, देवपुरी, डूमरतराई में सरकारी जमीन खाली है। आरंग, तिल्दा, धरसींवा, अभनपुर में भी सरकारी जमीन की बिक्री के लिए खसरा नंबर और रकबे की जानकारी दी गई है।