जहां अति आवश्यक जरूरत हो वहाँ पुल पुलिया का निर्माण क्यों नहीं ?

Chhattisgarh Crimes

मैनपुर। आदिवासी विकास खंड मुख्यालय मैनपुर से 38 किलोमीटर की दूरी पर बसा ग्राम पंचायत कोचेंगा के आश्रित ग्राम गरीबा जाने वाली कच्ची सड़क मार्ग में बरसों पुरानी बनी पुलिया टूट कर जर्जर हो गया है। पुलिया बीचो-बीच ऐसा टूटा हुआ है। जिसमें अचानक बाइक सवार हादसे का शिकार हो रहे हैं। मुख्यालय के समीप वाले गांव होते तो हर लोगों की निगाहें उसी मे टिकी होती लेकिन अंतिम पंक्ति में बसा हुआ ग्राम होने के कारण वहां के हादसे दुर्घटनाएं किसी को पता नहीं चल पाता जिसके कारण आज भी वहां के पुलिया की दशा ज्यों की त्यों बना हुआ है।

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वर्षों पुरानी कच्ची सड़क मार्ग पर नाला में बनाई गई पुलिया जर्जर एवं बीच से पूरा गोलाकार फट गया है। जिसको देख कर भी जनप्रतिनिधि बेखबर होने के साथ ही अनजान बने हुए हैं। ग्राम पंचायत स्तर में मनरेगा के तहत कच्ची सड़क मार्ग के साथ ही पुल पुलिया का निर्माण कराने के लिए शासन प्रशासन कृत संकल्पित है। उसके बावजूद भी ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने वहां पुलिया निर्माण कराने को लेकर दिलचस्पी क्यों नहीं दिखा रहे हैं समझ से परे लगता है। इन ज्वलनशील समस्याओं पर ग्राम पंचायत के सचिव का जवाब भी अटपटा सा लगा जिसको क्या कहा जा सकता है। जैसा भी हो अति आवश्यक मार्गों पर पुल पुलिया निर्माण कराया जाना चाहिए जिससे शासकीय राशियों का दुरुपयोग होने से बचा जा सके एवं जरूरतमंदों को लाभ मिलता रहे। ऐसे कई ग्राम पंचायतों की स्थिति है जहां जरूरत के हिसाब से पुल पुलिया का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। ग्राम पंचायत को इस पर ध्यान देते हुए पुल पुलिया निर्माण कराने की दिशा में कार्य करना नितांत आवश्यक होगा। अन्यथा वर्षों बीत जाने के बाद भी मांगे अधूरा ही रह जाएगी।

इस संबंध में क्या कहते हैं अधिकारी और कर्मचारी

मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत मैनपुर, रमेश कँवर, इस तरह के मामले हैं तो मैं एक-दो दिन में इंजीनियर को देखवा देता हूं। उसके बाद जिला पंचायत को प्रस्तावित कर दूंगा।

ग्राम पंचायत कोचेंगा सचिव पालिश राम नेताम, शासन के पास बहुत सारे योजना के तहत फंड है। जिसके अंतर्गत बनाया जा सकता है।फिर दोबारा मेरे द्वारा पूछने पर कि मनरेगा के तहत पुलिया निर्माण के लिए फाइल बनाकर के जनपद पंचायत मनरेगा कार्यालय में जमा किया गया था क्या तो जवाब आया, नहीं।